Home विशेष भारत भी अब ‘न्यूक्लियर ट्रायड’ में शामिल, बना विश्व की छठी परमाणु महाशक्ति

भारत भी अब ‘न्यूक्लियर ट्रायड’ में शामिल, बना विश्व की छठी परमाणु महाशक्ति

by News-Admin

भारत पर हमला करने से पहले अब 100 बार और सोचेंगे दुश्मन देश, अब तक केवल अमरीका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस और चीन के पास थी यह क्षमता  

भारत न्यूक्लीयर ट्रायड कार्यवाही करने की क्षमता रखने वाले चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है। यानी जमीन, समुद्र या आसमान से परमाणु काउंटर स्ट्राइक लॉन्च करने की अद्वितीय क्षमता अब भारत के पास भी है। अब तक केवल अमरीका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस और चीन ही न्यूक्लियर ट्रायड देशों में शामिल थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न्यूक्लीयर ट्रायड की सफलता पर कहा कि, “ आईएनएस अरिहंत की सफलता उन लोगों को मुंहतोड़ जवाब है जो परमाणु ब्लैकमेलिंग का दुस्साहस करते हैं”।


आईएनएस अरिहंत की कामयाबी पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश को बधाई दी

न्यूक्लियर ट्रायड क्या है?

न्यूक्लियर ट्रायड की स्थापना के लिए देश में निम्नलिखत क्षमताएं होनी चाहिए।

थल – जमीन से परमाणु मिसाइल दागे जा सकें।

समुद्र – परमाणु हथियार ले जाने वाली मिसाइलों से सुसज्जित पनडुब्बियां।

आकाश – परमाणु मिसाइल और बमों से लैस विमान और युद्धकुशल हमलावर।

भारत अपनी परमाणु संचालित पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत (परमाणु हथियार ढोने की क्षमता के साथ) न्यूक्लियर ट्रायड लीग में शामिल हो गया। हालांकि भारत के पास जमीन और आकाश से परमाणु हमले की क्षमताएं पहले से ही थीं। ब्रह्मोस मिसाइल से लैस संशोधित सुखोई (एसयू -30 एमकेआई) विमान परमाणु मिसाइलों को लॉन्च कर सकता है साथ ही दुश्मनों पर बमों की बौछार भी कर सकता है। अग्नि जैसे इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल जमीन से परमाणु हमला करने में सक्षम हैं।

आईएनएस अरिहंत

आईएनएस अरिहंत जिसे ‘शत्रु संहारक’ भी कहा जाता है, ने 5 नवंबर 2018 को अपना पहला गश्ती अभियान पूरा किया। इसमें इतनी क्षमता है कि यह पानी के अंदर प्रहार करके एक पूरा शहर नष्ट कर सकता है। इसके साथ ही भारत के पास अब जल, थल और नभ तीनों से परमाणु हमला कर सकने की क्षमता है।

न्यूक्लियर ट्रायड क्यों?

भारत ने अपने न्यूक्लियर ट्रायड को पूरा करने के साथ ‘सेकेंड स्ट्राइक कैपेबिलिटी’ हासिल कर ली है, जिसका देश के लिए एक विशिष्ट सामरिक महत्व है जो दो तरफ, दो दोस्ताना दुश्मनों का सामना कर रहा है। ऐसे में न्यूक्लियर ट्रायड की आवश्यकता क्यों है इसे काल्पनिक परिदृश्य के जरिए समझते हैं।

परिदृश्य (किसी भी स्थिति में भारत कर सकेगा पलटवार)


उदाहरण के लिए, मान लीजिए अगर भविष्य में कभी पाकिस्तान ने भारत पर हमला किया और उसने भारत में सभी भूमि-आधारित परमाणु मिसाइल लांचर और स्टेशनों को नष्ट कर दिया, तो क्या इसका मतलब यह है कि पाकिस्तान ने भारत को हरा दिया है और अब देश में प्रवेश करने में सक्षम हो जाएगा?

जवाब है ‘नहीं’, क्योंकि भारत अब न्यूक्लियर ट्रायड संपन्न देश है। ऐसी स्थिति में भारत समुद्र या हवाई हमला करने में सक्षम है, फिर भारत का पलटवार दुश्मन देश का सफाया कर देगा। इस न्यूक्लियर ट्रायड ने भारत के ‘विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरक्षा’ को मजबूत किया है।

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